Wednesday, November 17, 2010

Chalte Chalte bas yun hi mujhe kuch kehna hai

एक मुठी ज़िन्दगी
दो भीगा ज़मीन
बस ऐसे ही कुछ मुख्दूं में है
कैद नसीब तेरा ...

वक़्त बदल जाता है
दुनिया बदल जाती है
कहने को तोह इंसान की
पहचान बदल जाती है l

पर मूढ़ के देखो तोह कुछ नहीं बदलता
किसी को हक नहीं तोह किसी को सहारा नहीं मिलता ...

ऐसे में एक जो है
वोह तुम ही हो खुदा
अपने आप की, अपनी किस्मत की
बस तुम ही हो दुआ ...

न छोड़ अपना साथ
कहते हैं मिआं
सितारून से आगे जहाँ और भी हैं
यहाँ सिअक्दों कारवां और भी हैं 
ll

बस यूँ सोच लो की आगे मुकाम और भी हैं
सुनते सिमत्तेह हैरत-इ-होंसला और भी हैं ll

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